राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ की संस्कारधानी राजनांदगांव एक बार फिर भगवान जगन्नाथ की भक्ति में सराबोर होने जा रही है। शहर में 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा की 87वीं भव्य रथ यात्रा पूरे धार्मिक उल्लास और पारंपरिक श्रद्धा के साथ निकाली जाएगी। लगभग नौ दशक से चली आ रही यह परंपरा आज भी शहर की सांस्कृतिक पहचान बनी हुई है।
रथ यात्रा का शुभारंभ गांधी चौक स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर से होगा। आकर्षक ढंग से सुसज्जित रथ में भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा विराजमान होकर नगर भ्रमण करेंगे। यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई पुरानी हटरी स्थित श्री राम-जानकी मंदिर पहुंचेगी, जहां भगवान देवशयनी एकादशी तक श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे।
रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालु भगवान के रथ की रस्सी खींचकर स्वयं को धन्य मानते हैं। पूरे मार्ग में जय जगन्नाथ के जयघोष, भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़ों और शंखध्वनि से वातावरण भक्तिमय हो उठता है। विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया जाएगा।
मंदिर समिति ने बताया कि रथ यात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। रथ को आकर्षक रूप से सजाया जा रहा है, वहीं यात्रा मार्ग पर आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। प्रशासन द्वारा सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
श्री राम-जानकी मंदिर पहुंचने के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा के विशेष दर्शन होंगे। इस अवधि में प्रतिदिन पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और महाप्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा।
हर वर्ष की तरह इस बार भी हजारों श्रद्धालुओं के रथ यात्रा में शामिल होने की संभावना है। मंदिर समिति ने शहरवासियों और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है। राजनांदगांव की यह 87 वर्ष पुरानी रथ यात्रा आज भी शहर की आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक बनी हुई है।

